सोमवार, 9 मार्च 2026

हास्य कविता

एक पत्नी ने अपने पति को उस दिन प्यार से बुलाया 
और बगल में बैठाया 
बोली 
प्रीयतम में कुछ दिखाउंगी 
और उसके द्वारा एक अच्छी बात समझाऊंगी 
ध्यान से देखना 
और फिर बताना 
क्या सीखा ये सुनाना 
पत्नी ने अपना कुत्ता बुलाया 
और पास में बैठाया 
कुत्ते के खाने के बर्तन को दारू से भर दिया 
और कुत्ते के आगे कर दिया 
कुत्ते ने पूछ हिलाया 
फिर उस बर्तन में भारी दारू को सूंघा 
पर मुह नही लगाया 
फिर पत्नी ने दारू नाली में फैलाया 
और उस बर्तन में दूध भर दिया 
फिर कुत्ते के आगे कर दिया 
कुत्ते ने फिर पूछ हिलाया 
और बर्तन के पास आया 
इस बार कुत्ता दूध लगा पीने 
पत्नी ने उसे लगा लिया सीने 
पत्नी प्यार से बोली 
प्रियतम अब जरा सुनाओ 
और प्यार से बताओ 
की तुमने क्या शिक्षा पाई 
क्या तुम्हारे अकल में आई 
पति ने धीरे से मुह खोला 
और फिर बोला 
हा तुमने जी समझाया 
वो अच्छी तरह समझ मे आया 
पत्नी उत्साहित हुई तो 
अब तो अपना मुह खोलो 
जरा जल्दी से बोलो 
पति बोला 
ये समझ मे आया 
की जो दारू नही पीता है 
वो कुत्ता होता है । 

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